जियोर्जिया मेलोनी का G7 शिखर सम्मेलन में 'नमस्ते': भारत-इटली संबंधों की नई दिशा

जियोर्जिया मेलोनी का G7 शिखर सम्मेलन में 'नमस्ते': भारत-इटली संबंधों की नई दिशा

G7 शिखर सम्मेलन में जियोर्जिया मेलोनी का 'नमस्ते'

ग्लोबल डिप्लोमेसी के मंच पर जब इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने G7 शिखर सम्मेलन में अपने मेहमानों का स्वागत किया, तो उन्होंने एक खास अंदाज में 'नमस्ते' कहकर सबका ध्यान आकर्षित किया। यह अभिवादन सिर्फ एक सामान्य शिष्टाचार नहीं था, बल्कि यह उनके और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बढ़ती मित्रता का प्रतीक भी था।

14 जून को जब पीएम मोदी G7 शिखर सम्मेलन के मुक्त सत्र में भाग लेने के लिए पहुंचे, तो मेलोनी ने उनके स्वागत के लिए भारतीय शैली में 'नमस्ते' का प्रयोग किया। मेलोनी ने मोदी को एक आदरणीय मित्र के रूप में ही नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर एक प्रमुख रणनीतिक सहयोगी के रूप में भी देखा।

मेलोनी-मोदी की दोस्ती और भारत-इटली संबंध

मेलोनी और मोदी के बीच संबंध पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुए हैं। यह दोस्ती उस समय और गहरी हो गई जब मेलोनी मोदी को उनके तीसरे लगातार कार्यकाल की बधाई देने वाली पहली यूरोपीय नेता बनीं। पीएम मोदी का इटली दौरा भी इन संबंधों को मजबूती प्रदान करने में सहायक रहा है, जिसके दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा और सहमति बनी।

यादगार दौरे और रिश्तों की नई ऊंचाइयां

पिछले साल मार्च में मेलोनी की भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच संबंधों को नई दिशा दी। इस दौरे के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाने का ऐतिहासिक कदम उठाया। इस साझेदारी ने वाणिज्य, रक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में नई संभावनाओं के द्वार खोले।

भारत और इटली: आर्थिक सहयोग और योजनाएं

भारत और इटली के बीच आर्थिक संबंध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। 2021-2022 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 13.229 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इटली, यूरोपीय संघ में भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों ने भारत-मध्य पूर्व यूरोप आर्थिक कॉरिडोर पर भी सहयोग किया है और इटली ने चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव से खुद को अलग कर लिया है, जो भारत-इटली संबंधों को और अधिक मजबूत बनाता है।

सामरिक और रक्षा संबंधों की मजबूती

दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मेलोनी ने अपनी सरकार की इच्छा व्यक्त की है कि वह भारत के साथ रक्षा संबंधों को फिर से सुधारना चाहती हैं। मोदी ने भी रक्षा विनिर्माण और सह-उत्पादन के क्षेत्र में बढ़ते अवसरों को उजागर किया है।

सोशल मीडिया पर 'मेलोदी' का ट्रेंड

मेलोनी और मोदी की दोस्ती सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर भी चर्चा का कारण बनी। COP28 बैठक के दौरान दोनों नेताओं की एक सेल्फी वायरल हो गई थी जिसे जनता ने 'मेलोदी' के नाम से टैग किया। यह टैग दोनों नेताओं की बढ़ती मित्रता और सहयोग का प्रतीक बन गया।

इस प्रकार, जियोर्जिया मेलोनी और नरेंद्र मोदी की दोस्ती, दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। G7 शिखर सम्मेलन में 'नमस्ते' का अभिवादन यही दर्शाता है कि इन दोनों नेताओं के रिश्ते न सिर्फ व्यक्तिगत स्तर पर, बल्कि देशों के वैश्विक मंच पर भी महत्वपूर्ण बनते जा रहे हैं।

  • Pooja Joshi

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5 टिप्पणि

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    pk McVicker

    जून 16, 2024 AT 13:54
    नमस्ते कह दिया तो बड़ी बात हो गई। इटली के पास तो अपने घर में ही काफी समस्याएँ हैं।
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    Laura Balparamar

    जून 17, 2024 AT 19:23
    ये सिर्फ नमस्ते नहीं, ये एक संदेश है। भारत को अब वैश्विक मंच पर बराबरी के आधार पर देखा जा रहा है। मेलोनी ने सही तरीके से पहचान दिखाई।
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    Shivam Singh

    जून 18, 2024 AT 02:05
    मेलोदी... अरे यार ये ट्रेंड तो मैंने भी देखा था 😅 पर असल में दोनों के बीच क्या है वो तो बाहर वाले नहीं जानते। इनके बीच जो भी हो रहा है वो बिजनेस के लिए है, दोस्ती नहीं।
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    Piyush Raina

    जून 19, 2024 AT 23:13
    इटली के साथ भारत के संबंधों में एक नया मोड़ आया है। रक्षा, तकनीक, ऊर्जा - हर क्षेत्र में सहयोग बढ़ रहा है। यूरोप में चीन के खिलाफ भारत का स्थान अब स्पष्ट है। ये सिर्फ नमस्ते नहीं, ये एक नई भू-राजनीतिक व्यवस्था की शुरुआत है।
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    Srinath Mittapelli

    जून 20, 2024 AT 00:13
    ये सब अच्छा है पर भारत को अपने अंदर भी ध्यान देना होगा। जब तक हमारे अपने छोटे उद्यमी और किसानों की स्थिति नहीं सुधरेगी, तब तक वैश्विक दोस्ती का मतलब क्या? मेलोनी के साथ जो भी हो रहा है, उसका फायदा हमारे आम आदमी तक कब पहुंचेगा? ये सवाल भी जरूरी है।

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