Stock Market Holiday: महावीर जयंती पर 10 अप्रैल को NSE-BSE बंद, कमोडिटी की शाम की ट्रेडिंग चालू

Stock Market Holiday: महावीर जयंती पर 10 अप्रैल को NSE-BSE बंद, कमोडिटी की शाम की ट्रेडिंग चालू

महावीर जयंती पर बाजार बंद: क्या-क्या ठप रहा, क्या चलता रहा

महावीर जयंती के मौके पर गुरुवार, 10 अप्रैल 2025 को भारतीय शेयर बाजार बंद रहे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने इसे आधिकारिक अवकाश घोषित किया था। इस Stock Market Holiday के चलते इक्विटी कैश, इक्विटी डेरिवेटिव्स (F&O), करेंसी डेरिवेटिव्स और सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) में पूरे दिन कोई सौदा नहीं हुआ।

कमोडिटी डेरिवेटिव्स में शेड्यूल अलग रहा। सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक का सत्र बंद रहा, लेकिन शाम का सत्र सामान्य रूप से 5:00 बजे से 11:30/11:55 बजे तक चला। यानी जिनकी पोजिशन कमोडिटीज में है, उनके लिए हेजिंग/ट्रेडिंग की खिड़की शाम में खुली रही।

  • इक्विटी कैश: बंद
  • इक्विटी डेरिवेटिव्स (F&O): बंद
  • करेंसी डेरिवेटिव्स: बंद
  • SLB: बंद
  • कमोडिटी डेरिवेटिव्स: सुबह बंद, शाम 5:00 बजे से खुला

यह बंदी ऐसे समय आई जब वैश्विक बाजार टैरिफ संबंधी खबरों से अस्थिर थे। विदेशी संकेतकों में तेज उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू बाजार एक दिन के ब्रेक पर रहे, इसलिए अगले कारोबारी दिन ओपनिंग में गैप-अप या गैप-डाउन का जोखिम बढ़ जाता है। ट्रेडरों के लिए संदेश साफ है—पोजिशन साइज, मार्जिन बफर और हेजिंग पर खास ध्यान रखें।

एक्सचेंजों ने इस तारीख की जानकारी पहले ही नोटिस और कैलेंडर के जरिए दे दी थी, इसलिए ब्रोकर्स ने क्लाइंट्स को ऑर्डर और मार्जिन प्लानिंग एडवांस में करने की सलाह दी। जो निवेशक इंट्राडे के बजाय डिलीवरी खरीदते हैं, उनके लिए भी सेटलमेंट टाइमलाइन में एक दिन का पुश-फॉरवर्ड सामान्य बात है।

निवेशकों के लिए असर और योजना: सेटलमेंट, एक्सपायरी और अप्रैल की बाकी छुट्टियां

निवेशकों के लिए असर और योजना: सेटलमेंट, एक्सपायरी और अप्रैल की बाकी छुट्टियां

सेटलमेंट पर सीधा असर पड़ता है। भारतीय इक्विटी बाजार T+1 सेटलमेंट पर चलते हैं। बुधवार, 9 अप्रैल 2025 को हुए सौदों का पे-इन/पे-आउट सामान्य तौर पर अगले कारोबारी दिन होता, लेकिन 10 अप्रैल की छुट्टी के कारण वह शुक्रवार, 11 अप्रैल को शिफ्ट हुआ। जिनके पास डिलीवरी-आधारित ट्रेड थे, उनके शेयर/फंड क्रेडिट में यह बदलाव दिखा।

डेरिवेटिव्स में भी टाइमिंग महत्वपूर्ण रहती है। अगर कोई साप्ताहिक या मासिक एक्सपायरी छुट्टी वाले दिन पड़ती है, तो NSE/BSE उसे पिछले कार्यदिवस पर ले आते हैं। इस हफ्ते जिन कॉन्ट्रैक्ट्स पर यह नियम लागू था, उनका निपटान पहले ही हो गया। ध्यान रहे, एक्सपायरी शेड्यूल अलग-अलग इंडेक्स/कॉन्ट्रैक्ट पर अलग हो सकता है, इसलिए ब्रोकरेज अलर्ट और एक्सचेंज सर्कुलर देखना सबसे सुरक्षित है।

मार्जिन और M2M (मार्क-टू-मार्केट) के मोर्चे पर भी तैयारी जरूरी है। छुट्टी के दौरान कोई M2M बिलिंग नहीं होती, लेकिन अगली ओपनिंग में तेज गैप आने पर अतिरिक्त मार्जिन की जरूरत पड़ सकती है। जिनके पास गिरवी (pledged) शेयर या कोलेटरल है, वे यह देखें कि वोलैटिलिटी बढ़ने पर कोलेटरल वैल्यू में कटौती संभव है।

कमोडिटीज के ट्रेडरों के लिए शाम का सत्र खुला रहा, इसलिए क्रूड, गोल्ड-सिल्वर जैसी ग्लोबलली एक्टिव कमोडिटीज में हेजिंग/पोजिशन मैनेजमेंट किया जा सका। पर याद रखें, इक्विटी और करेंसी सेगमेंट बंद होने के कारण क्रॉस-एसेट हेजेज का परफेक्ट ऑफ़सेट हमेशा संभव नहीं रहता।

करेंसी डेरिवेटिव्स में आज कोई सौदा नहीं हुआ, इसलिए डॉलर-रुपया फ्यूचर्स/ऑप्शंस पोजिशंस अगले कारोबारी दिन ही समायोजित होंगी। ऑफशोर बाजारों और विदेशी संकेतकों की चाल घरेलू ओपनिंग को प्रभावित करती है, इसलिए प्रोफेशनल ट्रेडर्स अक्सर ओवरनाइट रिस्क के लिए अतिरिक्त बफर रखते हैं।

म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए नियम सरल है—जब एक्सचेंज बंद होते हैं तो इक्विटी और ETF लेनदेन का NAV अगले कारोबारी दिन के हिसाब से लगता है। SIP की बैंक डेबिटिंग तो शेड्यूल के मुताबिक हो सकती है, पर यूनिट अलॉटमेंट और NAV डेट एक्सचेंज/बैंकिंग कैलेंडर पर निर्भर करते हैं। जो निवेशक लिक्विड/डेब्ट फंड में पार्किंग करते हैं, वे कट-ऑफ टाइम और बैंकिंग डे की शर्तें अपने AMC से कन्फर्म करें।

IPO/OFS/NCD जैसे इश्यूज में भी कैलेंडर असर डालता है। एक्सचेंज हॉलिडे पर बिडिंग विंडो आमतौर पर बंद रहती है, और वैलिडिटी स्वतः अगले कारोबारी दिन तक बढ़ जाती है, बशर्ते ऑफर डॉक्यूमेंट में अलग से कुछ लिखा न हो। ऑनलाइन ASBA एप्लिकेशन तो की जा सकती है, लेकिन स्वीकार्यता/एंट्री मार्केट के खुलने पर परिलक्षित होती है।

ऑर्डर मैनेजमेंट की छोटी-छोटी बातों को भी नजरअंदाज न करें। GTT/AMO जैसे ऑर्डर हॉलिडे पर ट्रिगर नहीं होते। अगर आपने स्टॉप-लॉस या टारगेट के भरोसे पोजिशन छोड़ी है, तो ओवरनाइट गैप रिस्क बना रहता है। बड़े पोजिशन साइज में प्रोटेक्टिव ऑप्शंस (जैसे आउट-ऑफ-द-मनी पुट/कॉल) के जरिए हेजिंग किफायती पड़ सकती है।

ऑफशोर इंडेक्स फ्यूचर्स—जैसे GIFT सिटी में ट्रेड होने वाले कॉन्ट्रैक्ट्स—का कैलेंडर घरेलू एक्सचेंजों से अलग हो सकता है। ऐसे इंस्ट्रूमेंट्स में चाल अक्सर अगले दिन की घरेलू ओपनिंग का टोन सेट करती है। हालांकि सीधा आर्बिट्राज तभी संभव है जब संबंधित घरेलू सेगमेंट खुला हो।

अप्रैल 2025 में यह पहली तीन एक्सचेंज छुट्टियों में से एक थी। बाकी दो—डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती (सोमवार, 14 अप्रैल) और गुड फ्राइडे (शुक्रवार, 18 अप्रैल)—भी इस महीने ट्रेडिंग हफ्तों को छोटा करेंगी। जिन निवेशकों के बड़े सेटलमेंट, फंड ट्रांसफर या मार्जिन टॉप-अप नियोजित हैं, वे इन तारीखों को ध्यान में रखकर प्लान करें ताकि अनपेक्षित देरी न हो।

ग्लोबल मैक्रो मोर्चे पर टैरिफ-सम्बंधी खबरों ने रिस्क सेंटिमेंट पर दबाव बनाया है। ऐसे माहौल में एक दिन की छुट्टी के बाद ओपनिंग में दिशा पकड़ना कई बार तेज होता है। इसलिए प्रोफेशनल डेस्क्स आमतौर पर अवकाश से पहले एक्सपोजर ट्रिम कर लेते हैं, और रिटेल ट्रेडर्स भी पोजिशन्स हल्की रखकर, मार्जिन पर्याप्त रखकर और हेजेज के साथ ब्रेक में जाते हैं।

एक्सचेंजों ने 2025 का हॉलिडे कैलेंडर पहले से प्रकाशित कर दिया था और आधिकारिक संचार के जरिए ब्रोकर्स व निवेशकों को आगाह किया गया था। आज की बंदी के बाद नियमित ट्रेडिंग शुक्रवार, 11 अप्रैल को सामान्य समय पर शुरू होगी।

  • Pooja Joshi

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18 टिप्पणि

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    Shivakumar Kumar

    अगस्त 29, 2025 AT 22:00

    कमोडिटी शाम को खुली रही तो बहुत अच्छा बात हुई, वरना गोल्ड और क्रूड में ओवरनाइट गैप से तो जान जाती। मैंने तो शाम के सत्र में गोल्ड शॉर्ट पज़िशन हेज कर ली थी, वरना आज फ्राइडे को बड़ा नुकसान हो जाता। ये छुट्टी तो बस इक्विटी के लिए बोरिंग है, बाकी सब तो चलता ही रहा।

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    saikiran bandari

    अगस्त 31, 2025 AT 12:38
    फिर भी बंद रहे बाजार
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    Vishakha Shelar

    अगस्त 31, 2025 AT 15:24
    मैंने तो आज सब कुछ बेच दिया 😭 और फिर पता चला कि बाजार बंद है... अब मेरा बैलेंस कहाँ जाएगा 😭😭😭
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    Harsha kumar Geddada

    सितंबर 1, 2025 AT 16:28

    इस तरह की छुट्टियों के बारे में जब तक लोग नहीं समझेंगे कि बाजार की बंदी एक अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य विश्राम है, नहीं तो ये ट्रेडिंग का शोर अनंत रहेगा। हम जितना जल्दी बाजार को एक जीवित प्रणाली के रूप में देखेंगे, उतना ही अधिक स्थिरता आएगी। एक दिन का विराम आर्थिक शरीर के लिए डिटॉक्स है, और ये नियमित विराम बिना अर्थव्यवस्था के अंतर्निहित तनाव के बिना नहीं चल सकता। ये सिर्फ एक छुट्टी नहीं, ये एक अनुशासन है।

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    Nathan Allano

    सितंबर 2, 2025 AT 20:01

    बहुत अच्छा लिखा है भाई। मैंने भी आज शाम के सत्र में गोल्ड और क्रूड में हेज किया, क्योंकि ओवरनाइट रिस्क बहुत बढ़ जाता है जब इक्विटी बंद होती है। खासकर अगर अमेरिका में टैरिफ की खबरें चल रही हों तो ये शाम का सत्र बचाव का एकमात्र रास्ता है। मैंने एक छोटा पुट ऑप्शन भी लगा दिया है, बस बेसिक प्रोटेक्शन के लिए। जो भी इक्विटी में लंबा ट्रेड रख रहे हैं, उन्हें अगले दिन के ओपनिंग के लिए अच्छा मार्जिन बफर रखना चाहिए। नहीं तो बड़ा नुकसान हो सकता है।

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    sachin gupta

    सितंबर 3, 2025 AT 14:26

    अरे यार, शाम को कमोडिटी खुली रही तो बहुत अच्छा बात हुई। मैं तो इक्विटी के बारे में भूल गया, बस गोल्ड और निकल में जान लगाकर ट्रेड कर रहा था। ये बाजार बंद होना तो बस रिटेल के लिए ही मायने रखता है। प्रोफेशनल्स तो दुनिया भर में ट्रेड कर रहे होते हैं। इसलिए जो लोग आज बाजार बंद होने की शिकायत कर रहे हैं, वो अपने जीवन की छोटी-छोटी बातों को बड़ा बना रहे हैं।

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    Rashmi Naik

    सितंबर 5, 2025 AT 06:52
    kumodityy open rehnaa bht badiya haiii!! lekin meraa margin call ho gya bcz mene gld ka call kharida tha aur nse band tha so meraa m2m update nhi huaa!! 😭😭😭
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    charan j

    सितंबर 6, 2025 AT 15:46
    फिर भी बंद। बस इतना ही।
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    Kotni Sachin

    सितंबर 7, 2025 AT 17:51

    अच्छा लगा कि शाम का सत्र चला, लेकिन ये बात भी ध्यान में रखनी चाहिए कि जिन लोगों के पास केवल इक्विटी बेस्ड पोजिशन है, वो तो बिल्कुल बंद रहे। ये छुट्टी तो बहुत अच्छी बात है, लेकिन ब्रोकर्स को अपने क्लाइंट्स को इसके बारे में पहले से अच्छी तरह से बताना चाहिए। मैंने देखा कि कई नए निवेशक आज ऑर्डर डाल रहे थे, और फिर उन्हें पता चला कि ये ऑर्डर ट्रिगर नहीं होगा। ये तो बहुत बुरा है।

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    Neel Shah

    सितंबर 9, 2025 AT 15:05
    कमोडिटी शाम को खुली रही? 😒 ये तो बस एक झूठा आश्वासन है... जब इक्विटी बंद होता है, तो बाकी सब बेकार है। और फिर भी लोग इसे एक फीचर बता रहे हैं? 🤦‍♀️
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    Arun Sharma

    सितंबर 10, 2025 AT 23:25

    महावीर जयंती के अवकाश को व्यावहारिक दृष्टि से देखें तो यह एक आधिकारिक अवकाश है, लेकिन आर्थिक दृष्टि से यह एक अवसर है जिससे बाजार अपनी आंतरिक अस्थिरता को समायोजित कर सके। वैश्विक बाजारों में अस्थिरता के बीच, एक दिन का विराम निवेशकों को अपने निर्णयों का पुनर्मूल्यांकन करने का समय देता है। यह एक अवकाश नहीं, बल्कि एक रणनीतिक विराम है। बाजार की गति को बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि उसकी स्थिरता को बनाए रखने के लिए।

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    Ayush Sharma

    सितंबर 11, 2025 AT 16:14

    हमेशा ये बात आती है कि बाजार बंद है, लेकिन कमोडिटी शाम को खुली है। असल में ये बहुत अच्छा है। अगर आपके पास गोल्ड या क्रूड की पोजिशन है, तो आप अपना हेज बना सकते हैं। लेकिन जो लोग सिर्फ इक्विटी में ट्रेड करते हैं, उन्हें बस थोड़ा धैर्य रखना होगा। एक दिन का ब्रेक बहुत जरूरी है, नहीं तो बाजार बस एक मशीन बन जाएगा।

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    Navneet Raj

    सितंबर 13, 2025 AT 07:58

    मैंने आज अपना SIP डिबिट करवाया और अगले दिन का NAV अपडेट होगा, लेकिन ये छुट्टी के बाद जो भी गैप होगा, वो अच्छा नहीं होगा। मैंने अपने डेब्ट फंड के लिए कट-ऑफ टाइम चेक कर लिया था, वरना ये बात बहुत बड़ी गलती हो सकती थी। ये छुट्टी तो बस एक दिन की है, लेकिन उसका असर बहुत लंबा होता है। इसलिए जो भी निवेश करते हैं, उन्हें कैलेंडर जरूर देखना चाहिए।

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    PK Bhardwaj

    सितंबर 13, 2025 AT 10:57

    कमोडिटी शाम को खुली रहने का मतलब ये नहीं कि आप एक्सपोजर को नियंत्रित कर सकते हैं। जब इक्विटी बंद है, तो क्रॉस-एसेट हेजेज का एक भाग अप्रभावी हो जाता है। अगर आप डॉलर-रुपया और गोल्ड दोनों में पोजिशन रखते हैं, तो आपको अलग-अलग बाजारों के बीच अंतर को समझना होगा। ये तो बहुत जटिल है, लेकिन इसका फायदा तभी होगा जब आप इसे एक पूर्ण रणनीति के रूप में देखें।

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    Guru s20

    सितंबर 13, 2025 AT 13:33

    मैंने आज शाम के सत्र में गोल्ड शॉर्ट किया और ये बहुत अच्छा रहा। अगर बाजार बंद होता तो मैं बहुत ज्यादा रिस्क लेता। ये छुट्टी तो बस इक्विटी के लिए है, बाकी सब तो चल रहा है। बस थोड़ा धैर्य रखो, और अगले दिन अच्छा ओपनिंग देखोगे।

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    Raj Kamal

    सितंबर 14, 2025 AT 03:56

    मुझे लगता है कि ये छुट्टी तो बहुत अच्छी है, लेकिन मुझे एक बात समझ नहीं आ रही है कि जब इक्विटी बंद होती है, तो क्यों नहीं सारे डेरिवेटिव्स बंद हो जाते? मैंने देखा कि करेंसी डेरिवेटिव्स भी बंद हैं, लेकिन कमोडिटी डेरिवेटिव्स खुले हैं। ये फैसला कौन लेता है? क्या ये बाजार के लिए एक अच्छी बात है? मैंने अपने फ्रेंड्स से भी बात की, लेकिन उन्हें भी ये समझ नहीं आया। क्या कोई मुझे बता सकता है कि ये नियम कैसे बनता है? मुझे लगता है कि ये बहुत जटिल है।

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    Rahul Raipurkar

    सितंबर 14, 2025 AT 15:55

    इस तरह की छुट्टियों का असली उद्देश्य निवेशकों को बाजार के बारे में सोचने का समय देना है। लेकिन आजकल तो लोग बस ट्रेड करने के लिए जी रहे हैं। एक दिन का ब्रेक लेना तो बहुत जरूरी है, वरना बाजार एक गैर-मानवीय मशीन बन जाएगा। ये छुट्टी नहीं, ये एक अवसर है।

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    Soumita Banerjee

    सितंबर 16, 2025 AT 04:31

    मुझे लगता है कि ये छुट्टी बहुत बेकार है। जब तक बाजार खुला है, तब तक ट्रेडिंग होनी चाहिए। अगर आप निवेश कर रहे हैं, तो आपको बाजार के बारे में निरंतर जागरूक रहना चाहिए। ये छुट्टी तो बस एक औपचारिकता है। और फिर भी लोग इसे बहुत बड़ा मुद्दा बना रहे हैं।

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